Naksha in 2–3 days · from ₹2,999

सरकारी वेबसाइटें, अक्टूबर 2026 में जाँची गईं

प्लॉट ख़रीदने से पहले खसरा, खतौनी और भू-नक्शा कैसे देखें

हर राज्य अपने भूमि अभिलेख अपनी सरकारी वेबसाइट पर मुफ़्त दिखाता है: खतौनी या जमाबंदी बताती है कि ज़मीन किसकी है, खसरा नंबर उसकी पहचान है, और भू-नक्शा गाँव के नक्शे पर उसका आकार दिखाता है। नीचे हर राज्य की सरकारी वेबसाइट, ख़रीदने से पहले क्या जाँचें, और नक्शा पास कराने में कौन से काग़ज़ लगते हैं।

WhatsApp करें

राज्य के हिसाब से भूलेख की सरकारी वेबसाइट

ये राज्य सरकारों की अपनी वेबसाइटें हैं। Design SQR का इनसे कोई संबंध नहीं है।

राज्य के हिसाब से भूलेख की सरकारी वेबसाइट
राज्यक्या देख सकते हैंसरकारी वेबसाइट
उत्तर प्रदेशखतौनी (मालिक और हिस्सा); गाँव का नक्शा (भू-नक्शा)UP Bhulekh · UP Bhunaksha
मध्य प्रदेशखसरा, B-1 खतौनी और गाँव के नक्शे पर प्लॉटMP Bhulekh WebGIS 2.0
बिहारजमाबंदी (रजिस्टर-II), खाता और खेसरा; गाँव का नक्शाBihar Bhumi · BhuNaksha Bihar
राजस्थानजमाबंदी (अपना खाता); गाँव का नक्शाApna Khata · BhuNaksha Rajasthan
उत्तराखंडखतौनी और खसराeBhulekh Uttarakhand
ओडिशाअधिकार अभिलेख (खतियान); गाँव का नक्शाBhulekh Odisha · BhuNaksha Odisha
महाराष्ट्र7/12 उतारा (सातबारा) और 8AMahabhulekh
हरियाणाजमाबंदी (फ़र्द), इंतक़ाल और खसरा नक्शाJamabandi Haryana
पंजाबजमाबंदी (फ़र्द)Punjab Land Records
झारखंडरजिस्टर-II (खाता, खेसरा और जमाबंदी नंबर)Jharbhoomi
छत्तीसगढ़B-1 (मालिक), P-II खसरा; गाँव का नक्शाBhuiyan · BhuNaksha CG
पश्चिम बंगालखतियान और प्लॉट की जानकारीBanglarbhumi
दिल्लीगाँव के भूमि अभिलेखDelhi Land Records (DLRC)

प्लॉट ख़रीदने से पहले क्या जाँचें

  1. खतौनी या जमाबंदी में बेचने वाले का नाम वही है जो बैनामे (sale deed) में है, और खसरा (या खाता) नंबर मिलता है।
  2. रिकॉर्ड में रक़बा कम से कम उतना है जितना आप ख़रीद रहे हैं। अगर आपका प्लॉट किसी बड़े खसरे का हिस्सा है, तो पूछें कि बँटवारा कैसे हुआ।
  3. गाँव के नक्शे (भू-नक्शा) पर प्लॉट का आकार और उसका रास्ता वैसा ही है जैसा मौके पर दिखता है।
  4. ज़मीन खेती की दर्ज न हो। खेती की ज़मीन पर घर बनाने से पहले आम तौर पर भू-उपयोग बदलवाना पड़ता है; स्थानीय प्राधिकरण से पूछें।
  5. बैनामे, बैंक लोन या नक्शा पास कराने के लिए तहसील से प्रमाणित नकल लें, या जहाँ राज्य देता है वहाँ डिजिटल हस्ताक्षर वाली नकल। मुफ़्त ऑनलाइन नकल सिर्फ़ जाँचने के लिए है।
  6. ख़रीदने के बाद दाख़िल-ख़ारिज (नामांतरण) कराएँ ताकि रिकॉर्ड में आपका नाम आ जाए। जैसे बिहार में नक्शा पास कराने के लिए दाख़िल-ख़ारिज के काग़ज़ माँगे जाते हैं।

नक्शा पास कराने के काग़ज़ों के लिए इन राज्यों की गाइड देखें: उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली · नक्शा पास कैसे कराएं · घर का नक्शा कितने का बनता है.

भूलेख पर आम सवाल

खतौनी, खसरा और भू-नक्शा में क्या फ़र्क़ है?

खसरा नंबर गाँव में ज़मीन के एक टुकड़े की पहचान है। खतौनी (कुछ राज्यों में जमाबंदी, B-1, 7/12 या खतियान) बताती है कि वह ज़मीन किसकी है और कितनी है। भू-नक्शा गाँव का नक्शा है जिसमें ज़मीन का आकार उसके पड़ोसियों के साथ दिखता है। प्लॉट ख़रीदने से पहले तीनों देखें।

क्या ज़मीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन देखना मुफ़्त है?

हाँ। तालिका के हर राज्य में उसकी सरकारी वेबसाइट पर रिकॉर्ड मुफ़्त देखा जा सकता है। बैनामे, लोन या नक्शा पास कराने के लिए प्रमाणित या डिजिटल हस्ताक्षर वाली नकल चाहिए, जिसकी थोड़ी फ़ीस लग सकती है।

घर का नक्शा पास कराने के लिए ज़मीन के कौन से काग़ज़ चाहिए?

प्लॉट के मालिकाना हक़ का सबूत। उत्तर प्रदेश में बैनामा या लीज़ डीड (या प्राधिकरण का कब्ज़ा पत्र); बिहार में बैनामा या लीज़ डीड के साथ लगान या होल्डिंग टैक्स की रसीद और दाख़िल-ख़ारिज के काग़ज़; हरियाणा में जमाबंदी, इंतक़ाल, सजरा और म्यूटेशन के काग़ज़ या लीज़ डीड। अपने राज्य की नक्शा पास गाइड देखें।

क्या आप भू-नक्शे से मेरे घर का नक्शा बना सकते हैं?

सिर्फ़ उससे नहीं। भू-नक्शा गाँव के पैमाने का नक्शा है और घर के नक्शे के लिए उतना सटीक नहीं होता। हम आपके प्लॉट की नापी गई भुजाओं और रास्ते की तरफ़ से नक्शा बनाते हैं — मौके पर नापकर या आपके बैनामे से — और उन्हें भू-नक्शे से मिलाते हैं।

This guide in English

अपने प्लॉट का घर का नक्शा बनवाएँ

अपने प्लॉट का साइज़ और शहर बताइए। डिज़ाइनर एक कार्य-दिवस में आपको कॉल करेगा — सलाह मुफ़्त है।